छात्रवृत्ति और पुरस्कार

दिल्ली विश्वविद्यालय हर साल अक्टूबर के महीने में, तीन साल के लिए एक मान्य 250.00 रुपये प्रति माह के अखिल भारतीय प्रवेश छात्रवृत्ति पुरस्कार के लिए प्रतियोगी परीक्षा आयोजित करता है। कुल अंकों में से कम से कम 55% अंक पाने वाले ऑनर्स कोर्स के छात्र इस परीक्षा में भाग लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के निर्धारित प्रपत्र परीक्षा शाखा सप्तम (i) में 50.00 रुपये के साथ अंतिम तिथि तक आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा साल भर विभिन्न संगठनों के द्वारा पेश की जाने वाली अन्य छात्रवृत्तियाँ भी हैं। इन छात्रवृत्तियों का अनुदान मानदंडों के विभिन्न सेट पर निर्भर करता है। छात्रों को समय - समय पर इस तरह की छात्रवृत्तियों के बारे में सूचित कर दिया जाएगा

अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति:

अनुसूचित जाति/जनजाति के उम्मीदवारों को उस राज्य के द्वारा छात्रवृति प्रदान की जाती है जिससे वे संबंधित हैं। ऐसे छात्रों को उनके प्रवेश के तुरंत बाद लेखा अनुभाग से आवेदन प्रपत्र प्राप्त करने और प्रत्येक वर्ष की घोषित अंतिम तारीख से पहले आवश्यक प्रमाण पत्रों के साथ विधिवत पूरा किया गया आवेदन जमा करने की सलाह दी जाती है। जो छात्र, समय पर अपने आवेदन पत्र प्रस्तुत नहीं करते हैं उनके दावों पर विचार नहीं किया जाएगा।

अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, पीडब्ल्यूडी छात्रों आदि को छात्रवृत्ति के प्रसंस्करण के लिए प्रत्येक वर्ष अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, लोक निर्माण विभाग को फरवरी तक उस शैक्षणिक वर्ष के लिए अपने छात्रवृत्ति फार्म (प्रपत्र) जमा करना चाहिए।

किसी शुल्क मुक्ति, छात्रवृत्ति या अन्य विशेषाधिकारों के अनुदान का बना रहना संतोषजनक शैक्षिक प्रगति, नियमित उपस्थिति, अनुशासन और अच्छे आचरण पर निर्भर करता है। हर वजीफा धारक को कॉलेज के नियमों और विनियमों का पालन करना और अच्छे आचरण को सिद्ध करना आवश्यक है।

छात्र सहायता निधि:

आर्थिक रूप से कमजोर व मेधावी छात्रों की मदद के लिए कॉलेज में छात्र सहायता निधि की सुविधा है।

शुल्क रियायत और छात्रवृत्ति:

कॉलेज, जरूरतमंद योग्य और मेधावी छात्रों को परिणाम के आधार पर वर्ष के दौरान ली गई कुल फीस की 20% की राशि तक, पुरस्कार शुल्क रियायत प्रदान करता है। निर्धारित प्रपत्रों पर आवेदन 31 अगस्त तक लेखा अनुभाग को प्रस्तुत किया जाना चाहिये।